सिरसी सादात, मगरिबी उत्तर प्रदेश के जिला सम्भल में मौजूद एक ऐसा क़स्बा है जो आम तौर पर अपनी तमीज़,तहज़ीब और अदब के लिए जाना जाता है,सिरसी अपना एक अलग ही इतिहास रखता है। तकरीबन 800-900 साल पुरानी यह बस्ती सादात की बस्ती के नाम से मशहूर है।सिरसी को सादात की बस्ती इसलिए कहा जाता है क्योंकि सादात की एक बड़ी तादात यहाँ सदियों से रह रही है। जिस तरह लखनऊ को नज़ाकत के नाम से जाना जाता है,उसी तरह शिया मुसलमानों की इस बस्ती को सआदत के नाम से जाना जाता है। तक़रीबन 60-65 हज़ार की आबादी वाले इस कस्बे में शिया,सुन्नी,हिन्दू सभी मिलजुल कर भाई चारे के साथ रहते हैं।यहाँ शियाओं की आबादी ज़्यादा है।इसीलिए यह एक शिया बहुल इलाका है।साक्षरता दर की बात करें तो विकिपीडिया के अनुसार सिरसी की साक्षरता दर भारत की साक्षात्कार दर से अधिक है।सिरसी की साक्षरता दर को बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान यहाँ पर मौजूद 2 डिग्री कॉलेज, 8-9 इंटर कॉलेज, ओर तक़रीबन 10-15 प्राईमरी स्कूलों का है। अगर हम भौगोलिक स्थिति पर गौर करें तो सिरसी के दोनों कोनों पर एक इंटर कॉलेज मौजूद है अगर हम मुरादाबाद की ओर से सिरसी में कदम रखते हैं तो सिरसी मे...
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